बीजिंग में शी जिनपिंग और लक्सन की मुलाकात।
चीन और न्यूज़ीलैंड के बीच मजबूत होते रिश्तों को नया आयाम देने के लिए न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने शुक्रवार को बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग को गहराने और वैश्विक चुनौतियों का मिलकर सामना करने पर जोर दिया।
पांच दशकों से बेहतर संबंधों का उदाहरण
राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि चीन और न्यूज़ीलैंड के बीच कूटनीतिक संबंधों की स्थापना को 50 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस दौरान दोनों देशों ने पश्चिमी विकसित देशों में चीन के सबसे स्थिर और आगे बढ़ते संबंधों का उदाहरण पेश किया है।
रणनीतिक साझेदारी के दूसरे दशक की शुरुआत
शी जिनपिंग ने बताया कि चीन-न्यूज़ीलैंड व्यापक रणनीतिक साझेदारी अब अपने दूसरे दशक में प्रवेश कर रही है। ऐसे में यह समय है कि दोनों देश इस साझेदारी को और मजबूत करें ताकि दोनों देशों की जनता को अधिक लाभ मिल सके।
व्यापार, निवेश और विज्ञान में बढ़े सहयोग
राष्ट्रपति शी ने कहा कि चीन और न्यूज़ीलैंड को अपने-अपने पूरक आर्थिक संसाधनों का लाभ उठाकर व्यापार और निवेश सहयोग को और गहरा करना चाहिए। साथ ही उन्होंने वैज्ञानिक और तकनीकी नवाचार, जलवायु परिवर्तन और बुनियादी ढांचे के विकास के क्षेत्र में नई संभावनाओं को तलाशने की बात कही।
शिक्षा, संस्कृति और युवाओं के लिए अधिक आदान-प्रदान
शी जिनपिंग ने दोनों देशों के बीच शिक्षा, संस्कृति, युवाओं और आम नागरिकों के स्तर पर संवाद और मेलजोल बढ़ाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि इससे जन-जन के बीच आपसी समझ और विश्वास मजबूत होगा।
नहीं हैं कोई ऐतिहासिक या बुनियादी टकराव
चीन के राष्ट्रपति ने स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूज़ीलैंड और चीन के बीच न कोई ऐतिहासिक विवाद है और न ही बुनियादी हितों का टकराव। दोनों देशों को चाहिए कि वे एक-दूसरे का सम्मान करें, मतभेदों को स्वीकारें और उन्हें समझदारी से सुलझाएं।
यूएन और वर्ल्ड ऑर्डर की साझा जिम्मेदारी
शी जिनपिंग ने बताया कि इस वर्ष विश्व एंटी-फासीवादी युद्ध में विजय और संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के 80 साल पूरे हो रहे हैं। ऐसे में चीन और न्यूज़ीलैंड जैसे देशों की जिम्मेदारी है कि वे संयुक्त राष्ट्र आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा करें।
बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था को बचाने की अपील
राष्ट्रपति शी ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) की अगुवाई में बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को बनाए रखने की बात की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को मिलकर अंतरराष्ट्रीय न्याय और निष्पक्षता के लिए काम करना चाहिए, ताकि वैश्विक व्यवस्था अधिक न्यायपूर्ण और समान हो सके।
लक्सन ने चीन से रिश्तों को बताया महत्वपूर्ण
न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने बातचीत में कहा कि उनकी सरकार चीन के साथ रिश्तों को बहुत अधिक महत्व देती है। उन्होंने फिर दोहराया कि न्यूज़ीलैंड “एक चीन नीति” का पालन करता रहेगा और आपसी सम्मान व समझदारी के साथ संबंधों को बनाए रखेगा।
कृषि और डेयरी जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं
लक्सन ने उम्मीद जताई कि दोनों देश व्यापार और निवेश को और विस्तार देंगे। साथ ही उन्होंने कृषि, मछली पालन और डेयरी उद्योग जैसे क्षेत्रों में गहरा सहयोग बढ़ाने की बात कही। इसके साथ ही शिक्षा और पर्यटन में भी द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने की इच्छा जताई।
चीन से वैश्विक नेतृत्व की अपेक्षा: लक्सन
लक्सन ने कहा कि आज की दुनिया में बहुत सारी अनिश्चितताएं हैं, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय चाहता है कि चीन एक बड़ी भूमिका निभाए। न्यूज़ीलैंड चीन के साथ मिलकर वैश्विक समस्याओं का समाधान खोजने और बहुपक्षीय व्यवस्था को बनाए रखने के लिए तैयार है।
APEC शिखर सम्मेलन 2026 को लेकर समर्थन
न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उनका देश चीन द्वारा 2026 में आयोजित किए जाने वाले APEC आर्थिक नेताओं की बैठक का पूरा समर्थन करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बैठक वैश्विक आर्थिक सहयोग को नया रास्ता दिखाएगी।
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