Delhidopeharnews ब्यूरो: तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) अपनी विशाल संपत्ति और वित्तीय प्रणालियों को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत, मंदिर ट्रस्ट भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि मंदिर की संपत्तियों का सही मूल्यांकन और प्रबंधन किया जा सके।
संपत्तियों के मुद्रीकरण की नई रणनीति
TTD के पास मौजूद भूमि संपत्तियों का बेहतर उपयोग करने के लिए ट्रस्ट अब रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REIT) जैसे आधुनिक वित्तीय साधनों पर विचार कर रहा है। इस कदम का उद्देश्य मंदिर की निष्क्रिय पड़ी जमीनों से आय के स्रोत पैदा करना है। इसके अलावा, मंदिर के पास मौजूद भारी मात्रा में सोने के भंडार का भी वैज्ञानिक तरीके से मूल्यांकन किया जाएगा, ताकि इसे वित्तीय प्रणाली में बेहतर ढंग से एकीकृत किया जा सके।
नया अकाउंटिंग मैनुअल तैयार
वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही को सुनिश्चित करने के लिए, ICAI ने TTD के लिए एक व्यापक अकाउंटिंग मैनुअल तैयार किया है। यह मैनुअल मंदिर की सभी वित्तीय गतिविधियों, दान संग्रह और खर्चों के प्रबंधन के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के रूप में कार्य करेगा।
ICAI के विशेषज्ञों का मानना है कि यह नया वित्तीय ढांचा न केवल TTD की कार्यप्रणाली में सुधार लाएगा, बल्कि भक्तों द्वारा दिए गए दान का प्रबंधन भी अधिक सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से हो सकेगा।
प्रमुख बिंदु:
- जमीन संपत्तियों को REIT के माध्यम से मुद्रीकृत करने की योजना।
- मंदिर के स्वर्ण भंडार का विस्तृत मूल्यांकन।
- वित्तीय पारदर्शिता के लिए नया व्यापक अकाउंटिंग मैनुअल।
- दान और खर्चों के प्रबंधन के लिए आधुनिक डिजिटल प्रणालियों को अपनाना।
यह पहल न केवल मंदिर की वित्तीय स्थिति को मजबूत करेगी, बल्कि भविष्य में ट्रस्ट के संचालन को और अधिक पेशेवर बनाने में भी मदद करेगी।