delhidopeharnews.com ब्यूरो: जयपुर में आगामी निकाय चुनावों की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस बार चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशी मतदाताओं को रिझाने के लिए पारंपरिक प्रचार के तरीकों से हटकर कुछ अलग और अनोखे प्रयोग कर रहे हैं। शहर के विभिन्न वार्डों में उम्मीदवारों ने घर-घर जाकर ‘शिकायत रजिस्टर’ बांटने शुरू कर दिए हैं, ताकि वे जनता की समस्याओं को सीधे नोट कर सकें और उनके समाधान का वादा कर सकें।
प्रचार का बदलता स्वरूप
इस बार का चुनाव प्रचार काफी दिलचस्प मोड़ पर है। प्रत्याशी केवल वोट मांगने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे बार-बार मतदाताओं के घर जाकर उनसे व्यक्तिगत जुड़ाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। कई वार्डों में प्रत्याशियों द्वारा मतदाताओं को छोटे-छोटे सरप्राइज गिफ्ट भी दिए जा रहे हैं, जो चर्चा का विषय बने हुए हैं।
स्थानीय निवासी रमेश शर्मा कहते हैं, ‘इस बार प्रत्याशी हमारे घर आकर न केवल वादे कर रहे हैं, बल्कि एक रजिस्टर में हमारी समस्याओं को लिख रहे हैं। यह एक सकारात्मक बदलाव है, लेकिन देखना यह है कि चुनाव के बाद ये वादे कितने पूरे होते हैं।’
प्रमुख रणनीतियां जो चर्चा में हैं
- शिकायत रजिस्टर: हर घर में एक रजिस्टर दिया जा रहा है ताकि नागरिक अपनी बुनियादी समस्याओं को दर्ज कर सकें।
- लगातार संपर्क: प्रत्याशी एक ही घर में कई बार जाकर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
- उपहारों का वितरण: मतदाताओं को लुभाने के लिए घरेलू उपयोग की छोटी वस्तुओं को उपहार स्वरूप दिया जा रहा है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निकाय चुनाव में स्थानीय मुद्दे सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। प्रत्याशियों का यह ‘डोर-टू-डोर’ और ‘पर्सनलाइज्ड’ कैंपेन मतदाताओं के बीच अपनी पैठ बनाने की एक सोची-समझी रणनीति है। हालांकि, चुनाव आयोग की आदर्श आचार संहिता के दायरे में रहकर ही ये गतिविधियां की जा रही हैं, ताकि किसी भी प्रकार के उल्लंघन से बचा जा सके।