अमेरिका ने किया मिनटमैन III मिसाइल का परीक्षण, कैलिफोर्निया से लॉन्च हुई खतरनाक परमाणु मिसाइल।

0
अमेरिका ने किया मिनटमैन III मिसाइल का परीक्षण, कैलिफोर्निया से लॉन्च हुई खतरनाक परमाणु मिसाइल।
Spread the love

अमेरिका ने 21 मई को कैलिफोर्निया के वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से एक बार फिर अपने शक्तिशाली अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) मिनटमैन III का सफल परीक्षण किया। इस बार इस मिसाइल में सिंगल मार्क-21 हाई फिडेलिटी री-एंट्री व्हीकल लगाया गया था, जो इसे और घातक बनाता है।

टेस्ट के दौरान मिसाइल अकेले लॉन्च हुई

परीक्षण के दौरान यह मिसाइल अकेली लॉन्च की गई, यानी इसे किसी अन्य मिसाइल के साथ मिलाकर नहीं छोड़ा गया। इसका उद्देश्य था इसकी सटीकता, रफ्तार और उड़ान मार्ग को जांचना। यह परीक्षण अमेरिकी सैन्य ताकत और तकनीकी क्षमता का एक और प्रमाण माना जा रहा है।

4,200 मील की दूरी पर गिरा निशाना

अमेरिकी वायु सेना के अनुसार, मिनटमैन III मिसाइल ने लगभग 4,200 मील (करीब 6,700 किलोमीटर) की दूरी तय की। इसकी गति परीक्षण के दौरान 15,000 मील प्रति घंटे से अधिक रही, जो इसे दुनिया की सबसे तेज मिसाइलों में से एक बनाती है।

मार्शल द्वीप में गिराया गया टारगेट

मिनटमैन III ने मार्शल द्वीप समूह के क्वाजालीन एटोल स्थित अमेरिकी रोनाल्ड रीगन बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा परीक्षण स्थल पर अपने लक्ष्य को पूरी सटीकता से भेदा। यह परीक्षण न केवल तकनीकी बल्कि सैन्य रणनीति के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा है।

दुनिया की सबसे तेज मिसाइलों में शामिल

मिनटमैन III मिसाइल 24,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरने में सक्षम है। इतनी गति के साथ किसी भी एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा इसे रोकना लगभग असंभव हो जाता है। यही कारण है कि यह अमेरिका के परमाणु सुरक्षा ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।

तीन ठोस ईंधन रॉकेट मोटरों से लैस

इस मिसाइल को और अधिक पावरफुल बनाने के लिए इसमें तीन सॉलिड प्रोपलैंड रॉकेट मोटर्स का उपयोग किया गया है। इस तकनीक से मिसाइल को उड़ान भरते ही अत्यधिक रफ्तार और ऊंचाई मिलती है, जिससे इसे ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है।

परमाणु पेलोड से लैस है मिसाइल

मिनटमैन III मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। इसका उपयोग वास्तविक युद्ध की स्थिति में एक शक्तिशाली और त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए किया जा सकता है। अगर इसे ऑपरेशनल रूप से लॉन्च किया जाए, तो इसमें आमतौर पर एक परमाणु पेलोड होता है।

हाई-फिडेलिटी री-एंट्री व्हीकल से ताकत बढ़ी

इस बार की खास बात यह रही कि मिसाइल में सिंगल मार्क-21 हाई फिडेलिटी री-एंट्री व्हीकल जोड़ा गया है। यह तकनीक मिसाइल के लक्ष्य पर पहुंचने से पहले उसकी सटीकता और असर को और मजबूत करती है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि मिसाइल दुश्मन के डिफेंस को पार कर सीधे निशाने पर वार करे।

कई बार हो चुका है यह परीक्षण

यह पहला मौका नहीं है जब अमेरिका ने मिनटमैन III मिसाइल का परीक्षण किया हो। इससे पहले भी कई बार इसका परीक्षण हो चुका है और हर बार यह सफल साबित हुई है। हर बार परीक्षण का उद्देश्य होता है कि अमेरिका अपने परमाणु शस्त्रागार की विश्वसनीयता और ताकत को जांच सके।

वीडियो में दिखा विस्फोट का नज़ारा

इस मिसाइल परीक्षण का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मिसाइल को प्रक्षेपण स्थल से तेजी से ऊपर उठते हुए देखा जा सकता है। लॉन्च के कुछ ही सेकंड बाद इसकी रफ्तार इतनी तेज हो जाती है कि यह आंखों से ओझल हो जाती है। वीडियो में धमाका और आग की लपटें भी देखी जा सकती हैं।

अमेरिका की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन

इस परीक्षण के जरिए अमेरिका ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि वह अपनी सैन्य शक्ति को लगातार अपग्रेड कर रहा है। यह परीक्षण ऐसे समय हुआ है जब दुनिया में भूराजनैतिक तनाव बढ़ रहे हैं, और कई देश अपनी रक्षा नीतियों पर दोबारा विचार कर रहे हैं।

शीत युद्ध काल से सक्रिय है मिनटमैन सिस्टम

गौरतलब है कि मिनटमैन मिसाइल प्रणाली को पहली बार 1960 के दशक में विकसित किया गया था। इसे समय के साथ अपग्रेड किया गया, और आज यह अमेरिका के न्यूक्लियर ट्रायड (नाभिकीय त्रिशूल) का एक मजबूत स्तंभ है। इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे कई वर्षों तक एक्टिव रखा जा सकता है।

Source link

यह भी पढ़ें।

गाजा में इजरायली हमले तेज, 250 की मौत।

 

पाकिस्तान की सेना में भगदड़ 5000 जवानों ने छोड़ी नौकरी, एलओसी पर तनाव के बाद।

मेरा परिचय।


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *