मुंबई के गोराई बीच पर तेज रफ्तार थार का कहर, ऑटो को टक्कर मारकर चार महिलाओं को रौंदा
October 3, 2026 0
Delhidopeharnews ब्यूरो: मुंबई के लोकप्रिय गोराई बीच इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक तेज रफ्तार महिंद्रा थार एसयूवी ने सड़क किनारे खड़े एक ऑटो रिक्शा को जोरदार टक्कर मारने के बाद चार महिलाओं को बेरहमी से कुचल दिया। इस भीषण सड़क हादसे में चारों महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए वाहन चालक को हिरासत में ले लिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। महानगर में लगातार बढ़ रहे लापरवाह ड्राइविंग और सड़क सुरक्षा के मामलों के बीच इस घटना ने स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
मुख्य बिंदु एवं हाइलाइट्स (Key Highlights)
- घटना मुंबई के गोराई बीच इलाके की है, जहां 26 सितंबर को एक अनियंत्रित थार गाड़ी ने कहर बरपाया।
- आरोपी चालक श्रेयस शंकरलाल तेंबरे अत्यधिक तेज गति और लापरवाही से गाड़ी चला रहा था।
- थार गाड़ी ने पहले एक खड़े हुए ऑटो रिक्शा को टक्कर मारी और उसके बाद सड़क पर चल रही महिलाओं को रौंद दिया।
- इस दुर्घटना में चार महिलाएं गंभीर रूप से घायल हुई हैं, जिन्हें अस्पताल के आईसीयू में रखा गया है।
- मुंबई पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया है और वाहन को जब्त कर लिया गया है।
विस्तृत समाचार एवं पूरा घटनाक्रम (Detailed Report)
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना 26 सितंबर की शाम को गोराई बीच के पास उस समय घटी जब वहां पर्यटकों और स्थानीय लोगों की काफी आवाजाही थी। एक शक्तिशाली महिंद्रा थार एसयूवी जिसे श्रेयस शंकरलाल तेंबरे नामक व्यक्ति चला रहा था, बेहद तेज गति से आ रही थी। गाड़ी की रफ्तार इतनी अधिक थी कि चालक उस पर से अपना नियंत्रण खो बैठा। पहले उसने सड़क किनारे खड़े एक ऑटो रिक्शा को अपनी चपेट में लिया, जिससे रिक्शा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। लेकिन इसके बाद भी चालक ने गाड़ी रोकने के बजाय उसकी गति और बढ़ा दी और सीधे सामने से गुजर रही चार महिलाओं को जोरदार टक्कर मारते हुए उनके ऊपर से गाड़ी निकाल दी।
घटना के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने तुरंत साहस दिखाते हुए बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। घायलों की स्थिति बेहद गंभीर थी, जिसके चलते उन्हें बिना किसी देरी के नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, चारों महिलाओं के शरीर पर गंभीर आंतरिक चोटें आई हैं और कुछ की हड्डियां भी टूट गई हैं। इस सनसनीखेज हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी चालक श्रेयस शंकरलाल तेंबरे को मौके से ही हिरासत में ले लिया और उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि चालक नशे में था या नहीं, इसकी पुष्टि के लिए उसका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या गाड़ी में कोई तकनीकी खराबी थी या यह पूरी तरह से मानवीय भूल और तेज रफ्तार का नतीजा था। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि हादसे के हर एक सेकंड का सटीक क्रम पता चल सके। इस घटना के बाद गोराई और आसपास के तटीय इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शाम के वक्त इस इलाके में वाहनों की रेस लगाना आम बात हो गई है, जिस पर पुलिस को लगाम लगानी चाहिए।
यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और गंभीर घटना है। मुंबई की सड़कों पर इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हमने आरोपी चालक को तुरंत गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहनता से तकनीकी तथा चिकित्सीय जांच की जा रही है ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके। – वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, मुंबई पुलिस
भविष्य का असर एवं निष्कर्ष (Future Impact & Conclusion)
मुंबई की सड़कों पर भारी वाहनों और लग्जरी एसयूवी द्वारा बरपाया जाने वाला कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। गोराई बीच की यह घटना एक बार फिर शहर में बिगड़ती यातायात अनुशासनहीनता और कमजोर प्रवर्तन प्रणाली की पोल खोलती है। इस हादसे ने न केवल चार परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के बुनियादी ढांचे पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। भविष्य में ऐसी त्रादियें न हों, इसके लिए यातायात विभाग को सख्त कदम उठाने होंगे। स्पीड ब्रेकर लगाने, सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने और तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की सख्त जरूरत है। जब तक ड्राइवरों के मन में कानून का डर और भारी जुर्माने का खौफ पैदा नहीं होगा, तब तक इस तरह की लापरवाह ड्राइविंग से मासूम नागरिकों की जान खतरे में पड़ती रहेगी। प्रशासन और पुलिस को इस मामले को एक कड़े सबक के रूप में लेते हुए त्वरित और सख्त न्याय सुनिश्चित करना चाहिए।
मेरा परिचय।
बाबू राम आचार्य, स्वतंत्र पत्रकार
मित्रो में एक स्वतंत्र पत्रकार और गूगल द्वारा प्रमाणित डिजिटल मार्केटर हूँ। यह मेरी एक समाचारों की वैबसाइट हे, मे इसमे आप सब के लिए ताज़ा समाचार प्रकाशित करता हूँ आशा करता हूँ आप को पसंद आएगी …..धन्यवाद।
