Delhidopeharnews ब्यूरो: सोनीपत के सोहटी गांव में पावर ग्रिड की ट्रांसमिशन लाइन बिछाने को लेकर प्रशासन और किसानों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। प्रशासन द्वारा भारी पुलिस बल की मौजूदगी में टावर निर्माण का काम शुरू कराने के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है। इस दौरान विरोध कर रहे कई किसानों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
मुआवजे पर अड़े किसान
विरोध कर रहे किसानों का मुख्य तर्क यह है कि उनकी उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण तो किया जा रहा है, लेकिन उन्हें जो मुआवजा दिया जा रहा है, वह मौजूदा बाजार दर से काफी कम है। किसानों का कहना है कि सरकार को उनकी जमीन की सही कीमत का आकलन करना चाहिए। वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा उनकी अनदेखी की जा रही है।
किसानों का कहना है कि हम विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हमारी आजीविका का एकमात्र साधन जमीन है। यदि हमें उचित मुआवजा नहीं मिला, तो हम अपनी जमीन कैसे छोड़ दें? सरकार को हमारी वाजिब मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करना चाहिए।
राजस्थान-दिल्ली प्रोजेक्ट का मामला
यह पूरा विवाद राजस्थान और दिल्ली को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण ट्रांसमिशन लाइन परियोजना से जुड़ा है। प्रशासन का कहना है कि यह एक राष्ट्रीय महत्व की परियोजना है, जिसमें देरी होने से बिजली आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। हालांकि, किसान अपनी मांगों पर अडिग हैं और वे किसी भी कीमत पर कम मुआवजे पर जमीन देने को तैयार नहीं हैं।
प्रमुख बिंदु:
- सोहटी गांव में पावर ग्रिड टावर निर्माण के लिए प्रशासन ने शुरू किया काम।
- विरोध प्रदर्शन के दौरान कई किसानों को पुलिस ने हिरासत में लिया।
- किसान बाजार भाव के अनुसार मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
- राजस्थान-दिल्ली ट्रांसमिशन लाइन प्रोजेक्ट को लेकर लंबे समय से विवाद जारी है।
फिलहाल गांव में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे।