पशु आश्रय स्थल बनाने में खर्च होंगे 7,000 करोड़, NHAI ने सुप्रीम कोर्ट से जताई असमर्थता

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पशु आश्रय स्थल बनाने में खर्च होंगे 7,000 करोड़, NHAI ने सुप्रीम कोर्ट से जताई असमर्थता
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Delhidopeharnews ब्यूरो: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण हलफनामा दायर कर स्पष्ट किया है कि राजमार्गों के किनारे पशु आश्रय स्थल (Animal Shelters) का निर्माण करना उनके लिए आर्थिक रूप से संभव नहीं है। प्राधिकरण ने अदालत को सूचित किया कि इस परियोजना पर लगभग 7,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम खर्च आएगा, जो वर्तमान बजट और कार्यक्षेत्र के दायरे से बाहर है।

NHAI का तर्क: बजट और कार्यक्षेत्र की सीमाएं

सुप्रीम कोर्ट में दायर रिपोर्ट में NHAI ने कहा है कि राजमार्गों के किनारे पशुओं के लिए आश्रय स्थल बनाना न केवल खर्चीला है, बल्कि इसके रखरखाव और प्रबंधन की जिम्मेदारी भी एक बड़ी चुनौती है। प्राधिकरण ने तर्क दिया कि उसका प्राथमिक कार्य सड़कों का निर्माण और रखरखाव करना है, न कि पशु कल्याण के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करना।

NHAI ने अपने जवाब में कहा, ‘राजमार्गों के किनारे पशु आश्रय स्थलों का निर्माण करने के लिए अनुमानित लागत 7,000 करोड़ रुपये से अधिक होगी। इसके अलावा, इन आश्रयों के संचालन और सुरक्षा के लिए निरंतर धन की आवश्यकता होगी, जो NHAI के वित्तीय ढांचे के अनुकूल नहीं है।’

मामले की पृष्ठभूमि और अदालती रुख

यह मामला राजमार्गों पर आवारा पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से शुरू हुआ था। अदालत ने पहले NHAI को सुझाव दिया था कि दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सड़कों के पास ऐसे आश्रय स्थल बनाए जाएं। हालांकि, NHAI के इस रुख के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि शीर्ष अदालत इस पर क्या निर्देश देती है।

मुख्य बिंदु:

  • NHAI के अनुसार परियोजना की लागत 7,000 करोड़ रुपये से अधिक है।
  • प्राधिकरण ने इसे अपने मुख्य कार्यक्षेत्र से बाहर बताया है।
  • राजमार्गों पर आवारा पशुओं की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक समाधानों पर विचार करने की आवश्यकता है।
  • अदालत अब इस मामले में राज्य सरकारों की भूमिका पर भी विचार कर सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस समस्या का समाधान केवल आश्रय स्थल बनाने में नहीं, बल्कि स्थानीय प्रशासन और पशुपालन विभागों के साथ बेहतर समन्वय में निहित है। अब गेंद सुप्रीम कोर्ट के पाले में है कि वह NHAI के इस जवाब को स्वीकार करती है या कोई नया निर्देश जारी करती है।

मेरा परिचय।


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