पटियाला पुलिस ने चिटकारा यूनिवर्सिटी छात्र हंगामे के मामले में एक और आरोपी को हरियाणा से किया गिरफ्तार, अब तक 3 धरे गए
October 3, 2026 0
Delhidopeharnews ग्राउंड रिपोर्ट: पंजाब के राजपुरा स्थित प्रतिष्ठित चिटकारा यूनिवर्सिटी में पिछले दिनों हुए छात्र हंगामे और तनावपूर्ण माहौल के मामले में पटियाला पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने हरियाणा के फतेहाबाद से सोशल मीडिया के जरिए छात्रों को उकसाने और भड़काने वाले मुख्य आरोपी को दबोच लिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक कुल तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि पुलिस अन्य उपद्रवियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
ग्राउंड से मुख्य जानकारी (Key Takeaways)
- फतेहाबाद (हरियाणा) से पार्थ मेहता नामक आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार।
- चिटकारा यूनिवर्सिटी, राजपुरा में 25-26 सितंबर की दरमियानी रात हुआ था बड़ा छात्र हंगामा।
- सोशल मीडिया पर फर्जी संदेश फैलाकर छात्रों को भड़काने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का है गंभीर आरोप।
- एसएसपी पटियाला हरमनदीप सिंह हंस के नेतृत्व में पुलिस टीम कर रही है मामले की गहन तफ्तीश।
- अब तक कुल 3 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, आने वाले दिनों में और खुलासे संभव हैं।
घटनाक्रम का सिलसिलेवार ब्योरा (Chronological Event Breakdown)
यह पूरा मामला 25 और 26 सितंबर की दरमियानी रात का है, जब चिटकारा यूनिवर्सिटी, राजपुरा के परिसर में अचानक छात्रों का भारी हंगामा शुरू हो गया था। रात के समय विश्वविद्यालय परिसर में हुई इस अशांति के दौरान भारी तनाव पैदा हो गया था, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई थी। इस घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस हरकत में आई और बनूर थाने में संबंधित धाराओं के तहत एक प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया और मामले की वैज्ञानिक और तकनीकी जांच शुरू कर दी।
जांच के शुरुआती चरणों में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नांगल निवासी हिमांशु और अंबाला निवासी आर्यन नामक दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। इन दोनों से हुई पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की गहन छानबीन के बाद फतेहाबाद (हरियाणा) के रहने वाले पार्थ मेहता का नाम सामने आया। पुलिस के अनुसार, पार्थ मेहता सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय रूप से फर्जी और गुमराह करने वाले संदेश प्रसारित कर रहा था, जिसका एकमात्र उद्देश्य छात्रों की भावनाओं को भड़काना और परिसर में अशांति फैलाना था। इसके अलावा उस पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे सरकारी कर्मचारियों (लोक सेवकों) के काम में बाधा डालने के गंभीर आरोप भी हैं।
प्रशासनिक व स्थानीय प्रतिक्रिया (Official Action & Public Reaction)
घटना के बाद से ही विश्वविद्यालय प्रशासन और स्थानीय पुलिस के बीच लगातार समन्वय बना हुआ है। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पटियाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) हरमनदीप सिंह हंस ने मीडिया से बातचीत करते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी साझा की और आगे की कार्रवाई के बारे में बताया।
पटियाला के एसएसपी हरमनदीप सिंह हंस ने कहा, “पार्थ मेहता की गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में अब तक कुल तीन आरोपियों को दबोच लिया गया है। उस पर सोशल मीडिया के माध्यम से झूठी अफवाहें फैलाकर छात्रों को उकसाने, सरकारी काम में बाधा डालने और तोड़फोड़ में संलिप्तता का आरोप है। पुलिस साइबर सेल की मदद से अन्य संदिग्धों की भी पहचान कर रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियां की जाएंगी।”
आगे क्या? (What Lies Ahead)
वर्तमान में पटियाला पुलिस की टीमें गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर एक व्यापक नेटवर्क को खंगाल रही हैं। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस पूरी साजिश के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या इसके पीछे किसी बाहरी तत्व या संगठन का हाथ है। पुलिस ने आम जनता और विशेषकर छात्रों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही किसी भी प्रकार की भ्रामक या असत्यापित खबरों पर विश्वास न करें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और चौंकाने वाले खुलासे होने की पूरी संभावना है।
मेरा परिचय।
बाबू राम आचार्य, स्वतंत्र पत्रकार
मित्रो में एक स्वतंत्र पत्रकार और गूगल द्वारा प्रमाणित डिजिटल मार्केटर हूँ। यह मेरी एक समाचारों की वैबसाइट हे, मे इसमे आप सब के लिए ताज़ा समाचार प्रकाशित करता हूँ आशा करता हूँ आप को पसंद आएगी …..धन्यवाद।
