पहलगाम आतंकी हमला: प्रधानमंत्री ने रद्द किया विदेशी दौरा, अमेरिका समेत कई नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया।
कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने बेहद गंभीर रुख अपनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब का दौरा बीच में ही रद्द कर स्वदेश लौटने का निर्णय लिया है। यह कदम इस बात का संकेत है कि केंद्र सरकार इस हमले को सिर्फ आतंकी हमला नहीं, बल्कि देश की संप्रभुता और शांति पर सीधा हमला मान रही है।
जैसे ही प्रधानमंत्री दिल्ली पहुंचे, उन्होंने सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की आपात बैठक बुलाई। इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, गृहमंत्री, रक्षा मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की गई। इस बैठक में आतंकी हमले के पीछे की ताकतों को बेनकाब करने और जवाबी कार्रवाई की रणनीति पर विचार किया गया।
अमेरिका ने जताया दुख, आतंक के खिलाफ समर्थन दोहराया
पहलगाम हमले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी गंभीर चिंता व्यक्त की है। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि ट्रंप ने पीएम मोदी से फोन पर बात कर गहरी संवेदना प्रकट की है। उन्होंने कहा:
“हम इस जघन्य हमले की कड़ी निंदा करते हैं और भारत के साथ आतंक के खिलाफ लड़ाई में पूरी तरह खड़े हैं। दोषियों को न्याय के कठघरे में लाना होगा।”
अमेरिका के इस समर्थन से यह स्पष्ट है कि भारत को आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग मिल रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने जताया दुख
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ट्विटर पर कहा कि वह गहरे आहत और स्तब्ध हैं। उन्होंने लिखा:
“हिंसा का सहारा लेना कायरतापूर्ण है। निर्दोष पर्यटकों पर हुआ यह हमला दिल तोड़ने वाला है। मैं पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूँ और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूँ।”
उन्होंने आगे कहा कि देश को आतंक के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा होना होगा और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद बोले – कोई नरमी नहीं होनी चाहिए
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी पहलगाम हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि कश्मीर में हालात सामान्य होते दिख रहे थे, लेकिन इस तरह की घटना ने सभी को झकझोर दिया है। उन्होंने कहा:
“सरकार को इन आतंकियों को बलपूर्वक कुचल देना चाहिए। आतंकवाद के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है।”
उनकी टिप्पणी से यह संकेत मिला कि राजनीतिक स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर एकमत और कठोर रुख देखने को मिल रहा है।
श्री श्री रविशंकर की अपील – अब सिर्फ निंदा नहीं, कार्रवाई हो
आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने पहलगाम हमले की निंदा करते हुए कहा कि यह वक्त सिर्फ शोक प्रकट करने का नहीं है, बल्कि दृढ़ और वैश्विक कार्रवाई का है। उन्होंने कहा:
“पूरी दुनिया को एकजुट होकर आतंकवाद की इस मानसिकता के खिलाफ लड़ना होगा। अब समय आ गया है कि हम ऐसे विचारों को जड़ से उखाड़ फेंकें।”
हमले में नौसेना अधिकारी की मौत, कई विदेशी नागरिक भी शामिल
इस पहलगाम आतंकी हमले में भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की भी मृत्यु हो गई। वह कोच्चि में तैनात थे और हाल ही में 16 अप्रैल को शादी के बाद छुट्टी पर कश्मीर घूमने आए थे। महज 26 साल की उम्र में यह बलिदान पूरे देश को झकझोर गया।
प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, मारे गए 26 लोगों में से 16 की पहचान हो चुकी है, जिनमें एक नेपाल और एक सऊदी अरब का नागरिक भी शामिल है। इसके अलावा, 10 घायलों की सूची भी जारी की गई है।
राष्ट्रीय आक्रोश और एकजुटता
पहलगाम आतंकी हमला न सिर्फ एक त्रासदी, बल्कि राष्ट्रीय अस्मिता पर हमला माना जा रहा है। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब कश्मीर घाटी में हालात सामान्य होने की ओर बढ़ रहे थे। पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही थी और दुनिया भर से लोग यहां की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने आ रहे थे।
लेकिन इस हमले ने न सिर्फ निर्दोष लोगों की जान ली, बल्कि कश्मीर की छवि को भी धुंधला करने का प्रयास किया है।
यह भी पढ़ें।
कश्मीर पहलगाम के बैसरन में आतंक का हमला: धर्म के नाम पर हत्या, कश्मीरियत फिर शर्मसार।
