यूसीसी पर ओवैसी का पलटवार: अमित शाह के वादे को बताया बहुलवाद के खिलाफ

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यूसीसी पर ओवैसी का पलटवार: अमित शाह के वादे को बताया बहुलवाद के खिलाफ
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Delhidopeharnews ब्यूरो: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के वादे पर तीखा हमला बोला है। ओवैसी ने इसे देश की विविधता और बहुलवाद की भावना पर सीधा प्रहार करार दिया है।

यूसीसी पर ओवैसी का कड़ा रुख

ओवैसी ने स्पष्ट रूप से कहा कि यूसीसी का उद्देश्य समानता लाना नहीं, बल्कि विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाना है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार वास्तव में देश की विविध सांस्कृतिक पहचान को मिटाना चाहती है। ओवैसी ने चुनौती देते हुए कहा कि यदि सरकार को यूसीसी पर इतना ही भरोसा है, तो वे इसे सबसे पहले गोवा में लागू करके दिखाएं, जहां पहले से ही एक अलग नागरिक संहिता मौजूद है।

सहयोगी दलों की स्वतंत्रता पर सवाल

ओवैसी ने भाजपा के सहयोगी दलों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “क्या एनडीए के सहयोगी दल इतने मजबूर हैं कि वे देश के बहुलवादी ढांचे को बदलने के प्रयासों पर एक शब्द भी नहीं बोल सकते? उनकी स्वतंत्रता और विचारधारा कहां खो गई है?”

यूसीसी का एजेंडा केवल धार्मिक पहचान को कमजोर करना है। यह समानता का नहीं, बल्कि बहुसंख्यकवादी सोच को थोपने का एक जरिया है। – असदुद्दीन ओवैसी

प्रमुख बिंदु और चिंताएं

  • यूसीसी को देश की विविधता के लिए खतरा बताया।
  • लव जिहाद और डिस्टर्बड एरिया एक्ट जैसे कानूनों की कड़ी आलोचना की।
  • एनआरसी और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर अपनी पुरानी आशंकाएं दोहराईं।
  • भाजपा के सहयोगियों से स्पष्ट स्टैंड लेने की मांग की।

ओवैसी ने आगे कहा कि भाजपा सरकार ऐसे कानूनों के माध्यम से समाज में ध्रुवीकरण को बढ़ावा दे रही है, जो संवैधानिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने देश के नागरिकों से अपील की कि वे इस तरह के प्रयासों के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाएं ताकि भारत की गंगा-जमुनी तहजीब को सुरक्षित रखा जा सके।

मेरा परिचय।


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