Delhidopeharnews ब्यूरो: मराठी सिनेमा के लिए एक ऐतिहासिक क्षण में, फिल्म ‘गोंधल’ को आधिकारिक तौर पर 2027 के अकादमी पुरस्कारों (ऑस्कर) के लिए भारत की प्रविष्टि के रूप में चुना गया है। फिल्म के निर्देशक संतोष दवखर ने अब इस वैश्विक मंच पर अपनी फिल्म की सफलता सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। दवखर का मानना है कि केवल एक अच्छी फिल्म बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे सही दर्शकों तक पहुँचाने के लिए आक्रामक मार्केटिंग की भी आवश्यकता है।
सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक दृष्टिकोण
निर्देशक संतोष दवखर ने बताया कि ‘गोंधल’ का उद्देश्य भारतीय संस्कृति की गहरी जड़ों और समृद्ध विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करना है। उन्होंने कहा कि फिल्म का निर्माण करते समय उन्होंने दार्शनिक रॉबर्ट विलियम मैके के बौद्धिक कार्यों से प्रेरणा ली है, जो फिल्म के नैरेटिव में गहराई और दार्शनिक पुट जोड़ते हैं।
ऑस्कर अभियान की रणनीति
दवखर ने स्पष्ट किया कि वे इस अभियान को लेकर बेहद गंभीर हैं। उनका लक्ष्य केवल एक श्रेणी तक सीमित नहीं रहना है। वे ‘गोंधल’ को ‘सर्वश्रेष्ठ फिल्म’ और ‘सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म’ सहित कई श्रेणियों में नामांकित कराने की योजना बना रहे हैं।
फिल्म की सफलता के लिए मार्केटिंग उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी कि कहानी। हम वैश्विक स्तर पर अपनी संस्कृति को सही तरीके से पेश करने के लिए एक ठोस रणनीति पर काम कर रहे हैं। – संतोष दवखर, निर्देशक
अभियान के मुख्य बिंदु
- फिल्म ‘गोंधल’ ऑस्कर 2027 के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि है।
- निर्देशक संतोष दवखर ने फिल्म के लिए व्यापक मार्केटिंग अभियान की रूपरेखा तैयार की है।
- फिल्म को ‘सर्वश्रेष्ठ फिल्म’ और ‘सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म’ श्रेणियों में भेजने की तैयारी है।
- फिल्म का कथानक रॉबर्ट विलियम मैके के दार्शनिक विचारों से प्रेरित है।
जैसे-जैसे ऑस्कर का समय नजदीक आ रहा है, ‘गोंधल’ की टीम अंतरराष्ट्रीय फिल्म विशेषज्ञों और जूरी सदस्यों के साथ जुड़ने की तैयारी कर रही है ताकि भारतीय सिनेमा की इस अनूठी प्रस्तुति को वैश्विक पहचान मिल सके।