अमेरिका पहुंची पन्नू मामले की जांच के लिए भारतीय जांच समिति, सबूतों का पुलिंदा लेकर गई हे टीम.
अमेरिका ने खालिस्तानी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की नाकाम साजिश में एक भारतीय अधिकारी के शामिल होने का आरोप लगाया है. हालांकि, भारत आरोपों से इनकार करता रहा है और अमेरिका से सबूत देने को कहा है. अमेरिका के आरोपों का अब दूध का दूध और पानी का पानी होने वाला है. भारत ने आरोपों की जांच के लिए अपनी जांच टीम को अमेरिका भेज दिया है. पन्नू मामले की जांच के लिए भारतीय जांच समिति मंगलवार को अमेरिका पहुंची. इस टीम में भारत के डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर विक्रम मिस्री और नेसनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट के अफसर हैं.
अमेरिकी विदेश विभाग ने सूचना दी है कि अमेरिका के नागरिक खालिस्तानी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की नाकाम साजिश में एक भारतीय सरकारी अधिकारी की संलिप्तता के आरोपों की जांच के लिए गठित भारतीय जांच समिति मंगलवार को वाशिंगटन पहुंची. जांच समिति अपनी तफ्तीश के तहत प्राप्त सूचनाओं पर अमेरिकी अधिकारियों से बातचीत करेगी और यहां के अधिकारियों से ताजा जानकारी प्राप्त करेगी. बताया गया है कि सबूतों का पुलिंदा लेकर भारतीय टीम अमेरिका गई है.
- अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, भारत ने अमेरिका को सूचित किया है.
- चेक गणराज्य में गिरफ्तार 14 जून को निखिल गुप्ता को अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया था.
- अमेरिका और कनाडा की दोहरी नागरिकता वाले पन्नू का जन्म अमृतसर के खानकोट गांव में हुआ था.
अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, भारत ने अमेरिका को सूचित किया है.
भारत ने कुछ संगठित अपराधियों की गतिविधियों की जांच करने के लिए समिति की स्थापना की थी और यह उस व्यक्ति की सक्रियता से जांच कर रही है, जिसकी पहचान पिछले साल न्याय विभाग के अभियोग में एक भारतीय सरकारी कर्मचारी के रूप में की गई थी, जिस पर न्यूयॉर्क शहर में एक अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश रचने का निर्देश देने का आरोप था लेकिन साजिश नाकाम रही. अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, भारत ने अमेरिका को सूचित किया है कि वे पूर्व सरकारी कर्मचारी के अन्य संबंधों की जांच के लिए अपने प्रयास जारी रख रहे हैं और आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई तय करेंगे.
चेक गणराज्य में गिरफ्तार 14 जून को निखिल गुप्ता को अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया था.
पिछले साल नवंबर में अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता पर न्यूयॉर्क में सिख अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश में एक भारतीय सरकारी अधिकारी के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाया था. निखिल गुप्ता को पिछले साल जून में चेक गणराज्य में गिरफ्तार किया गया था और 14 जून को उसे अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया. भारत ने आरोपों से इनकार किया है, लेकिन इसकी जांच के लिए एक आंतरिक जांच दल का गठन किया है. अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने आरोप लगाया था कि निखिल गुप्ता भारत सरकार के एक कर्मचारी के साथ मिलकर काम कर रहा था और उसने न्यूयॉर्क शहर में रहने वाले पन्नू की हत्या के लिए एक हत्यारे को 1,00,000 अमेरिकी डॉलर देने की बात कही थी.
अमेरिका और कनाडा की दोहरी नागरिकता वाले पन्नू का जन्म अमृतसर के खानकोट गांव में हुआ था.
भारत के लिे गुरपतवंत सिंह पन्नू आतंकवादी है. वह अमेरिकी नागरिक है. आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू खालिस्तानी अलगाववादी संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) का नेता है. अमेरिका और कनाडा की दोहरी नागरिकता वाले पन्नू का जन्म अमृतसर के बाहरी इलाके खानकोट गांव में हुआ था और वह पंजाब राज्य कृषि विपणन बोर्ड के एक पूर्व कर्मचारी महिंदर सिंह का बेटा है. उसने 1990 के दशक में पंजाब यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई की और कथित तौर पर 2007 में SFJ की स्थापना की. वह 1997 से 2002 तक न्यूयॉर्क में लॉ कॉलेज में पढ़ाई के दौरान फाइनेंस फर्म मेरिल लिंच में एक सीनियर सिस्टम विश्लेषक था. इससे पहले उसने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री हासिल की थी.
